सोमवार, 27 जुलाई 2026

बिन धार की तलवार क्या..

खा चुकी हो जंग जो,
बिन धार की तलवार क्या..
बन सके ना ढाल जो,
बिन काम का सरदार क्या..

हार हर स्वीकार पर,
ये कायरों सी मार क्यों..
लड़ रहे थे जंग में जो,
व्यर्थ उनका बलिदान क्यों..

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