शुक्रवार, 20 नवंबर 2020

कैसे..

जीतों के संग तो जी लें हम, मरतों के साथ मरें हम कैसे..
मीतों के नाम का खालीपन, कह दो के राम भरें हम कैसे..

गीतों में जिनको जीते आए, उन बोलों की राग सुनें हम कैसे..
रीतों के दीप ना जलने पाए, अब राखों की आग चुनें हम कैसे..

जिनको देख के जीते आए, उन आँखों पे द्वार जड़ें हम कैसे..
इसको उसको खो कर अब, जीवन का संग्राम लड़ें हम कैसे..

पक्के पत्तों का गिरना समझें, नन्हें पौधों का ताप हरें हम कैसे..
सबके आँगन क्यों बिजली गाजे, हर घर जा घाव भरें हम कैसे..


~अक्षिणी

गुरुवार, 12 नवंबर 2020

ख़ुदा..

सुनते नहीं किसी दुआ की ज़ुबाँ 
कितने ख़ुदा है यहाँ ख़ुदा के सिवा..
~शिकंजी..

सुजान..

जननी जणे तो जण जे जैसो वीर सुजान,
नीतर निपूती जीवजे जनम अकारथ जाण..

ख़ुदा..

सुनते नहीं किसी दुआ की ज़ुबाँ 
कितने ख़ुदा है यहाँ ख़ुदा के सिवा..
~शिकंजी..

बाज़ार..

बदल रही हैं ख्वाहिशें , उतर रहा खुमार !
हर साल का बाज़़ार ये , सजा-धजा बुखार !! 

#धनतेरस_की_हार्दिक_शुभकामनाएं

बुधवार, 11 नवंबर 2020

कमी..

कमी..
जो कसक बन चले..
एक धड़क बन चले..
कमी..
लाजिम ये सफ़र कर दे..
मंजिल-ए-नज़र कर दे..
कमी..
हासिल-ए-उमर बन चले..
ज़िंदगी मुख़्तसर कर चले..


~अक्षिणी 

सोमवार, 9 नवंबर 2020

छीन लेंगे..

सँभल के रहना तुम, 
वो झुंड में आएंगे
राहतों के झुनझुनों से चाहतों की हँसी छीन लेंगे..

सँभल के रहना तुम, 
वो लौट कर आएंगे,
आसमां के सितारे दिखा कर वो ज़मीं छीन लेंगे..

आहिस्ता से हँसना तुम,
वो हर बार आएंगे,
जन्नतों के ख़्वाब दिखा के हर खुशी छीन लेंगे..

चाल उन की समझना तुम,
वो बदकार फिर आएंगे..
ख़्वाहिशों की लौ जगा कर रोशनी छीन लेंगे..

बातों में ना फँसना तुम,
वो बाज नहीं आएंगे..
उम्मीदों के पंख लगा कर ज़िंदगी छीन लेंगे..

~अक्षिणी 

मंगलवार, 3 नवंबर 2020

जय जय हो..

तेरी जय हो, मेरी जय हो,
सबकी जय और विजय हो..
केवल जय ही लक्ष्य हो अंतिम,
फिर मूल्यों का चाहे क्षय हो..

तेरी जय हो, मेरी जय हो,
सबकी जय और विजय हो..
जय ही जब हो श्रेयस्कर तो,
पुण्य-पाप का क्योंकर भय हो..

तेरी जय हो, मेरी जय हो,
सबकी जय और विजय हो..
जय ही जय हो वांछित स्वर तो,
सत्य-असत्य की साझी लय हो..

तेरी जय हो, मेरी जय हो,
सबकी जय और विजय हो..
पद ही जय हो,धन की जय तो,
अभिलाषा केवल धनसंचय हो..

~अक्षिणी 

रविवार, 1 नवंबर 2020

What happen in India tonight..

Pray tell me who am i,
where's my right?
Why curse what happen
in India tonight?

A million wrongs that
killed my might
Why curse what happen 
in India tonight?

Pray tell me then,why
shouldn't i fight?
Why curse what happen
in India tonight?

Remember the rough hand,
the betrayal, the slight
Why curse what happen
in India tonight?

The twisted tales of yore
the history, the plight
Why curse what happen
in India tonight?

All that i ask for today
just and equal right
Why curse what happen
in India tonight?

~Akshini