शुक्रवार, 23 जून 2023

मत पूछना..

कांग्रेस से कोई सवाल मत पूछना
नोंच लेंगे अपने ही बाल मत पूछना
उधड़ेगी बाल की खाल मत पूछना
कैसे लुटा देश सत्तर साल मत पूछना
एमरजेंसी का बवाल मत पूछना
बोफोर्स और अगस्ता की चाल मत पूछना
भगा दिए एंडरसन लाल मत पूछना
उड़ा दिए हैं देश का गुलाल मत पूछना
किसने लूटा देश का माल मत पूछना..!
कांग्रेस से कोई सवाल मत पूछना
माँ-बेटे के गुलामों का हाल मत पूछना
गाँधी नाम की नकली ढाल मत पूछना
देश को समझा बाप का माल मत पूछना
सरकारी बँगलों का जलाल मत पूछना
कहाँ गया वतन का लाल मत पूछना
कौन पटेल,लाल-बाल-पाल मत पूछना
भिनभिनाती सत्ता की राल मत पूछना
और चमचों का मलाल मत पूछना..
कांग्रेस से अब कोई सवाल मत पूछना..

बुधवार, 21 जून 2023

रोक लो शहर को..

देख के धूप को छाँव के रंग मचल जाएंगे..
रोक लो शहर को गाँव के ढंग बदल जाएंंगे..

शाम खो जाएगी, बाग खो जाएंगे,
पंछियों के नीड़ उजड़ जाएंंगे..

बाड़ खा जाएगी, बाढ़ आ जाएगी,
ड्योढ़ियों के रुख उखड़ जाएंंगे..

रोक लो शहर को, गाँव के ढंग बदल जाएंगे..

चौके बँट जाएंगे, चूल्हे पट जाएंंगे,
दूध घी खीर में मठ्ठे पड़ जाएंगे..

मेले खो जाएंगे, रोले पड़ जाएंगे,
बात-बे-बात लठ्ठे लड़ जाएंंगे..

रोक लो शहर को गाँव के ढंग बदल जाएंंगे..

बेटे चुक जाएंगे, बेटियाँ लुट जाएंगी,
भाई-बंधी के नाज में घुन पड़ जाएंंगे..

साँस घुट जाएगी, आस मर जाएगी,
चाह की राह में काँटे उग आएंगे..

रोक लो शहर को गाँव के ढंग बदल जाएंंगे..
🙏

~अक्षिणी

मंगलवार, 20 जून 2023

रथयात्रा.. कल्याण जग का कीजिए..

देखिए जग नाथ आज और
आशीष सबको दीजिए.. 
दीजिए आतिथ्य अभिसार,
कल्याण जग का कीजिए..

करबद्ध ये विनती नाथ, अब दरस दीनन को दीजिए..
लीजिए हर संताप जग का,और
रमण जग में कीजिए..

हे जगत के नाथ आज बस अरज इतनी सुन लीजिए..
कीजिए रथभ्रमण आज और
चरण-शरण मन लीजिए..

🙏
#रथयात्रा2023

चाह कहें..

कभी आह कहें 
कभी वाह कहें,
मन की तुमसे हर चाह कहें..

उच्छाह कहें,
परवाह कहें,
मन की तुमसे सरे राह कहें..

~शिकंजी

बेकसी..

इंतिहा न कीजे,
न प्यार की न खार की..
दर्द से है भरी,
बेकसी इंतज़ार की..

~शिकंजी



शनिवार, 17 जून 2023

हरि हर हर हर महादेव..

कुछ तो है जो तुझको-मुझको, सारे जग को साधे है,
कहो राम उसे कहो कृष्ण कहो हरि हर हर हर महादेव..
जिसने धरती-सूरज-चँदा तारे-अंबर बाँधे हैं,
कहो राम उसे कहो कृष्ण कहो
हरि हर हर हर महादेव..
कोई तो है जो सब उपजाए, बाली में दाने डाले है,
कहो राम उसे कहो कृष्ण कहो हरि हर हर हर महादेव..
जब जी चाहे धूप खिलाए,बूँदों में छम-छम नाचे है,
कहो राम उसे कहो कृष्ण कहो
हरि हर हर हर महादेव..

कोई तो है जो माटी गूँधे, माटी में जीवन डाले है,
कहो राम उसे कहो कृष्ण कहो हरि हर हर हर महादेव..
कोई है जो गहे हलाहल, विष अमृत कर जावे है,
कहो राम उसे कहो कृष्ण कहो
हरि हर हर हर महादेव..

~अक्षिणी