मेरे होने में तेरा होना..
वो सपनों का सपन सलोना..
मेरे हँसने में तेरा हँसना
मेरे रोने पे तेरा रोना..
मेरी बातों में तेरी बातें,
मेरी नींदों में जगी रातें..
मेरी चाहों में तेरी चाहें,
मेरी आहों में तेरी आहें..
मेरी आँखों में तेरी आँखें
मेरी पाखों में तेरी पाखें..
मेरे चेहरे में तेरा चेहरा,
मेरी सोचों का रंग गहरा..
सब कहते हैं, मैं तुझ सी हूँ..
सच कहते हैं, मैं तुझ सी हूँ..
मैं जो भी हूँ, जो कुछ भी हूँ..
मैं तुझ से हूँ माँ, मैं तुझ सी हूँ..
~अक्षिणी
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